भगवान विष्णु सांपों के बिस्तर पर क्यों सोते हैं, हमने भगवान विष्णु को अनेक चित्रो मे, अनेक फिल्मो मे, फोटो में, भगवान विष्णु के विभिन्न अवतार देखेहैं। किसी में वे गरुड़ की सवारी कर रहे होते हैं तो किसी चित्र में वे शंख, चक्र एवं गदे केसाथ दिखाई देते हैं। कई चित्रों में उन्हें सांप के बिस्तर पर भी लेटे हुए दिखाया गया है, सांपों के इस बिस्तर को अनंतसैया कहा जाता है।
भगवान विष्णु के सभी अवतारों में उन्हें कई सिरों वाले बड़े साप के साथ दिखाया गया है। हिंदू धर्म के अनुसार इस विशाल साप को शेषनाग कहा जाता है और भगवान विष्णु इस शेषनाग पर आराम करते हैं। भगवान विष्णु ने कई अवतार लिए हैं और वह पाप के सागर से दुनिया को वापस लाने के प्रतीक हैं, यह बात सच है कि भगवान विष्णु का वाहन गरूड है, परंतु शेषनाग भी भगवान विष्णु के प्रत्येक अवतार में उनके साथ जुड़े हुए हैं, परंतु सवाल यह है कि वह सांपों के बिस्तर पर क्यों सोते हैं, तो आइए जानते हैं कि भगवान विष्णु सांपों के बिस्तर पर क्यों सोते हैं।
जब संसार में पाप बहुत बढ़ गया था, तब भगवान विष्णु ने विश्व का उद्धार किया था, शेषनाग जो की अनंत है अर्थात जिसकी कोई सीमा नहीं है का प्रतीक माना जाता है, भगवान विष्णु उपयुक्त समय पर मानव जाति का मार्गदर्शन करते हैं, यही कारण है कि उन्हें सांपों के बिस्तर पर लेटा हुआ दिखाया जाता है। हर बार संसार को बचाने हेतु भगवान विष्णु ने कई रूपों और आकारों में जन्म लिया है।
हिंदू धर्म के अनुसार शेषनाग भगवान विष्णु की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जिस पर वह आराम भी करते हैं। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि शेषनाग ने अपनी कुंडली में सभी ग्रहों को पकड़ कर रखा हुआ है और वह भगवान विष्णु के मंत्रों का उच्चारण करते रहते हैं, यदि भगवान विष्णु संपूर्ण ब्रह्मांड, ग्रहों और तारों के प्रतीक हैं तो वास्तव में यह महत्व जायज है।
शेषनाग, भगवान विष्णु को केवल आराम करने के लिए जगह ही नहीं देता बल्कि वह उनके रक्षक भी हैं, क्या आप सभी ऐसा सोचते हैं कि यह बस एक विडंबना है, भगवान कृष्ण के जन्म के समय जब भगवान कृष्ण के पिता वासुदेवजी उन्हें नंद के घर ले जा रहे थे तब शेषनाग ने हीं तूफान से भगवान कृष्ण की रक्षा की थी तो निश्चित रुप से ही उनके रक्षक है।
भगवान विष्णु और शेषनाग के बीच संबंध बहुत ज्यादा विशेष है, भगवान विष्णु के अवतार में बुरी शक्तियों का नाश करने हेतु शेषनाग, भगवान विष्णु के साथ जुड़े हुए हैं, उन्होंने भगवान विष्णु को पाप से बचाया है, त्रेतायुग में शेषनाग ने लक्ष्मण का रूप लिया था, जबकि द्वापर युग में शेषनाग ने बलराम के रूप में जन्म लिया था और दोनों ही जन्मों में उन्होंने भगवान राम एवम भगवान कृष्ण की सहायता की थी। भगवान विष्णु सांपों के बिस्तर पर क्यों होते हैं, यह कथा आपको कैसी लगी, हमें कमेंट कर के अवश्य बताएं।
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